इंसानियत पर सुविचार insaniyath par suvichar
इंसानियत पर सुविचार
अगर आप इंसानियत पर अनमोल वचन , इंसानियत पर सुविचार और इंसानियत की कुछ अच्छी बातें जानना चाहते हैं! इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें। उम्मीद है आपको सोचने के लिए काफी तथ्य यहाँ मिल जाएँगे।
इंसानियत की बुनियाद :
इंसानियत की बुनियाद यह है कि सभी मनुष्य एक ही आदिपुरुषु की संतान हैं। इसलिए सभी इनसान एक ही परिवार होने का विश्वास ही इंसानियत की बुनियाद और कुंजी है।
इंसानियत क्या है ?
1.आइए पहले समझते हैं कि इंसानियत क्या है ? इंसानियत एक आदर्शवादी शब्द है । इनसान का सद्गुण ही इंसानियत है। इंसानियत इनसान का वह गुण है जो उसे सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ और विवेकशील प्राणी होने के नाते प्राप्त है। इसीलिए कहा के इंसानियत वह है जो मानव को मानव से व मानव को सृष्टि के अन्य प्राणियों से जोड़े रखती है।
2.दया की सामर्थ्य और करुणा- यानि पीड़ितों के लिए करुणा ।
3. प्रेम- यानि जाति से परे सभी मनुष्यों के साथ प्यार करना ।
4. दयालुता- यानि जरूरतमंदों की मदद करना।
5.हिंसा और जुल्म से दूर रहना भी इंसानियत है।
"इंसानियत की कुछ अच्छी बातें" :
1.गरीबों को आर्थिक सहायता दी जाए।दान से हमारा धन कम नहीं होता, बल्कि इस उदारता के कारण परमात्मा हमारे धन में वृद्धि करते हैं। इसलिए गरीबों से मुंह मत मोड़ो, बल्कि उनका समर्थन करना और उनकी यथासंभव मदद करना इंसानियत है
2.भूखों को खाना खिलाने में , धर्म-जाति का भेदभाव मिटाकर आपसी प्रेम एवं सद्भाव में सहायता दी जाए।
3. बुजुर्गों के सम्मान और सेवा करना।माता-पिता के बूढ़े हो जाने पर उन्हें वृद्धाश्रम(oldage home)में छोड़े बिना उनकी सेवा करना।
4. महिलाओं का सम्मान करना और उन्हें नुकसान न पहुंचाना।
5. बिना भेद के छोटे बच्चों और विशेषकर अनाथों की देखभाल करना।
6.जो इनसान दूसरो के प्रति कुछ भी बुरा या गलत ना करने की आन है वहीं उसकी इंसानियत है।
7. इंसानियत वह है जो मानव को मानव से व मानव को सृष्टि के अन्य प्राणियों से जोड़े रखती है और सर्वदा उनका कल्याण करती है। यही "इंसानियत पर सुविचार " कहलती है।
इंसानियत एक मृगमरीचिका (Mirage) की तरह बदल गई :
दुख की बात यह है कि इंसानियत के ये सभी गुण आज के मनुष्य में नहीं पाए जाते बल्कि आजकल इंसानियत भी कारपोरेट में बदल गई है। इसलिए इंसानियत एक मृगमरीचिका (Mirage) की तरह बदल गई है। आज के मानव समाज में मानवता एक वस्तु बन गई है जो इसे खरीद सकता है वही इसे हासिल कर सकता है। ज़िंदगी भर हम इंसानियत की बातें सुनते हैं, बुराई को कोसते है, इंसानियत के बारे में ज्ञान की उल्टियाँ भी करते हैं, लेकिन अमल Zero . इसको लेकर कई घटनाएं हैं।
1. बीच बाज़ार में, जब महिलाओं पर तेजाब के हमले और हिंस हो रहे होते हैं तो वहां के लोग इंसानियत खोजाते हैं , बिना उनकी सुरक्षा के, वीडियो बनाने में जुट जाते हैं और share किए जाते हैं । क्या यह इंसानियत है?
2.अगर गरीब महिलाओं के साथ रेप होता है तो उस घटनाओं को दबा दिया जाता है ताकि दोषियों को सजा न हो। क्या यह इंसानियत है?
3. माता-पिता अपने बच्चों का लालन - पालन करते हैं और जब माता-पिता बूढ़े हो जाते हैं तो बूढ़े माता-पिता को वृद्धाश्रम (oldage home) में छोड़ जाते हैं। क्या यह इंसानियत है?
5. एक समय था , रिश्तेदारी और दोस्ती इंसानियत से बनती थी, लेकिन आज पैसे से बनती है ।
6. जब किसी इंसान के साथ कोई हादसा(accident) होता है तो लोग पीड़ित की मदद किए बिना वीडियो शूट में लगे रहते हैं , क्या यह इंसानियत है?
हे मानव ! इस तरह के अधर्मी कार्यों को बंद करें और मानवता से पीड़ित लोगों की मदद करें । मेरा ये रहा "इंसानियत पर सुविचार"।
By Arshad

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